शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब में फिल्म 'सतलुज' का प्रदर्शन करने का फैसला किया है, जो पहले 'पंजाब '95' नाम से जानी जाती थी। यह फिल्म पंजाब में 1980 के दशक के मध्य और 1990 के दशक के प्रारंभिक दौर में आतंकवाद के दर्दनाक चरण में कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन को विस्तार से बताती है।

जसवंत सिंह खालड़ा एक प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता थे, जिन्होंने पंजाब में आतंकवाद के दौरान मानवाधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया था। उनकी कहानी पंजाब के लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और यह फिल्म उनके जीवन और संघर्ष को दर्शाती है।

शिरोमणि अकाली दल के इस फैसले से पंजाब के लोगों में उत्साह का माहौल है और वे इस फिल्म को देखने के लिए उत्सुक हैं। यह फिल्म पंजाब के इतिहास को दर्शाती है और लोगों को अपने अतीत के बारे में जानने का अवसर प्रदान करती है।

फिल्म 'सतलुज' का प्रदर्शन पंजाब के विभिन्न शहरों में किया जाएगा और लोगों को इसे देखने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। यह फिल्म पंजाब की एकता और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने में मदद करेगी और लोगों को अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगी।