भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने ओडिशा में एक बुजुर्ग महिला और उसके अंधे बेटे के लिए सामाजिक सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं की गारंटी देने के लिए हस्तक्षेप किया।

न्यायालय ने यह आदेश दिया है कि बुजुर्ग महिला और उसके बेटे को गरीबी से मुक्ति दिलाने के लिए उचित कदम उठाए जाएं।

न्यायालय ने कहा कि अंधे बेटे को सम्मानजनक जीवन जीने के लिए चिंतित होना चाहिए और उसकी मां को भी उसकी देखभाल के लिए उचित सुविधाएं प्रदान की जानी चाहिए।

यह आदेश एक अंधे व्यक्ति के मामले में दिया गया है जिसने अपनी मां के साथ अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।

न्यायालय ने कहा कि अंधे व्यक्ति को सम्मानजनक जीवन जीने के लिए चिंतित होना चाहिए और उसकी मां को भी उसकी देखभाल के लिए उचित सुविधाएं प्रदान की जानी चाहिए।