सरकार ने तर्क दिया है कि दूसरे चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना से तिरुवनंतपुरम सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय पर दबाव कम होगा, जो अपने आप में अस्पतालों में भर्ती मरीजों की भारी संख्या के कारण पर्याप्त विकास के लिए जगह नहीं छोड़ रहा है। सरकार का मानना है कि दूसरे चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना से राज्य में चिकित्सा शिक्षा और सेवाओं में सुधार होगा।