सेलम नगर निगम के मेयर ए. रामचंद्रन ने 29 जून को एक निजी कंपनी को 24/7 के लिए 25 वर्षों तक शहर के निवासियों को पीने के पानी की आपूर्ति करने के लिए दिए गए टेंडर को रद्द करने की घोषणा की। इस निर्णय के बाद, शहर के निवासियों में आक्रोश फैल गया। लेकिन, राज्य सरकार ने इस मामले में एक बड़ा उलटफेर किया है। सरकार ने बताया है कि 19 जून को निजी कंपनी के साथ समझौता पहले से ही हो गया था।
इस समझौते के तहत, निजी कंपनी शहर के निवासियों को 24/7 के लिए पीने के पानी की आपूर्ति करने के लिए जिम्मेदार होगी। यह समझौता 25 वर्षों के लिए होगा। सरकार ने बताया कि समझौते के तहत निजी कंपनी को शहर के निवासियों को पीने के पानी की आपूर्ति करने के लिए 25 वर्षों के लिए 100 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा।
इस समझौते के बारे में जानकारी देते हुए, राज्य सरकार ने कहा कि समझौते के तहत निजी कंपनी को शहर के निवासियों को पीने के पानी की आपूर्ति करने के लिए 25 वर्षों के लिए 100 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा। सरकार ने बताया कि समझौते के तहत निजी कंपनी को शहर के निवासियों को पीने के पानी की आपूर्ति करने के लिए 25 वर्षों के लिए 100 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा।
