सीएमडीए के पास ₹3,500 करोड़ की देनदारियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके कारण यह परियोजनाओं को शेल्व करने की योजना बना रहा है। यह देनदारियां मुख्य रूप से निर्माण कार्य, भूमि अधिग्रहण और वड़ा चेन्नई वलार्ची थिट्टम के कारण हैं। यह कार्यक्रम ₹1,000 करोड़ के बराबर है।
सूत्रों के अनुसार, सीएमडीए ने वित्तीय बोझ को समझे बिना कई कार्य शुरू किए हैं। इसके परिणामस्वरूप, अब यह परियोजनाओं को शेल्व करने की योजना बना रहा है। सीएमडीए के वर्तमान वित्तीय स्थिति में नए कार्य शुरू करना संभव नहीं है। यह देनदारियों के कारण ही सीएमडीए को परियोजनाओं को शेल्व करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
यह देनदारियां सीएमडीए के लिए एक बड़ी चुनौती है। इसके अलावा, यह परियोजनाओं को शेल्व करने के लिए भी एक बड़ा कदम है। सीएमडीए को अब अपने वित्तीय स्थिति को सुधारने के लिए काम करना होगा। इसके लिए, यह परियोजनाओं को शेल्व करने की योजना बनाने के साथ-साथ नए कार्यों को शुरू करने के लिए भी तैयार होगा।

