कर्नाटक उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए केपीएससी के सदस्यों के निर्णय को रोक दिया है जिसमें चेयरमैन के इस्तीफे की मांग की गई है। यह निर्णय 19 जून को केपीएससी की बैठक में लिया गया था, जिसमें वरिष्ठ सदस्य बी. प्रभुदेव ने अध्यक्षता की थी क्योंकि अध्यक्ष ने अपने हित के संबंध में एक संघर्ष के कारण बैठक की अध्यक्षता करने से इनकार कर दिया था।

केपीएससी के सदस्यों ने इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि चेयरमैन ने अपने पुत्री के आय प्रमाण पत्र के मामले में एक गलती की है, जिससे उनकी निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने कहा कि चेयरमैन के इस्तीफे की मांग की जानी चाहिए ताकि उनकी निष्पक्षता बनी रहे।

हालांकि, कर्नाटक उच्च न्यायालय ने इस निर्णय को रोक दिया है और कहा है कि चेयरमैन के इस्तीफे की मांग को लेकर कोई भी कार्रवाई नहीं की जाएगी। न्यायालय ने कहा कि चेयरमैन के इस्तीफे की मांग को लेकर कोई भी निर्णय लेने से पहले उनके खिलाफ कोई भी आरोप साबित करने के लिए सबूत पेश करने की आवश्यकता है।

इस निर्णय के बाद, केपीएससी के सदस्यों ने कहा कि वे इस निर्णय के खिलाफ अपील करेंगे और चेयरमैन के इस्तीफे की मांग को लेकर कोई भी कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं।