प्रोफेसर राजीव गौड़ा ने कहा कि मंदिर ट्रस्ट से जुड़ी सभी गतिविधियों, नियुक्तियों में केंद्र सरकार की भूमिका थी और गृह मंत्री अमित शाह नियुक्ति में केंद्रीय थे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को राम मंदिर ट्रस्ट के कथित दुरुपयोग की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

इस मुद्दे पर राजीव गौड़ा ने कहा कि यह मामला बहुत गंभीर है और इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि यह सच है कि ट्रस्ट के पैसे का दुरुपयोग हुआ है, तो इसके लिए जिम्मेदार लोगों को सजा मिलनी चाहिए।

राजीव गौड़ा ने यह भी कहा कि यह मामला न केवल राम मंदिर ट्रस्ट के लिए, बल्कि देश के लिए भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों को यह जानने का अधिकार है कि उनके पैसे का उपयोग कैसे किया जा रहा है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

इस पूरे मामले में राजीव गौड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को आगे आकर इस मुद्दे पर बयान देना चाहिए और देश को बताना चाहिए कि वे इस मामले में क्या करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री मोदी इस मामले में चुप रहते हैं, तो यह उनकी जिम्मेदारी की कमी होगी।