प्रशांत महासागर में ग्रे व्हेल की संख्या में गिरावट आ रही है, जो जलवायु संकट के कारण भोजन की कमी से हो रही है। पर्यावरणविदों का कहना है कि यह एक 'विनाशकारी' घटना है और इसके लिए तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है। ग्रे व्हेल की संख्या में गिरावट के कारणों में समुद्री बर्फ के पिघलने से भोजन की कमी होना भी शामिल है।

इसके अलावा, अन्य मुद्दों जैसे कि जहाजों की टक्कर, तेल रिसाव, माइक्रोप्लास्टिक प्रदूषण, शैवाल फूलना और रूसी शिकार भी इस घटना में योगदान कर रहे हैं। ग्रे व्हेल की संख्या में गिरावट के कारण लगभग आधी आबादी कम हो गई है। 2019 में 20,000 से कम होकर यह संख्या इस साल 13,000 से कम हो गई है, और मौतें तेजी से बढ़ रही हैं।

पर्यावरणविदों का कहना है कि यह एक बहुत ही गंभीर समस्या है और इसके लिए तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि वे इस मुद्दे पर ध्यान दें और ग्रे व्हेल की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं। यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है जिस पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है।

ग्रे व्हेल की संख्या में गिरावट के कारणों को समझने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान कर रहे हैं। वे यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि जलवायु परिवर्तन कैसे ग्रे व्हेल की आबादी को प्रभावित कर रहा है। इसके अलावा, वे यह भी जानने की कोशिश कर रहे हैं कि अन्य मुद्दों जैसे कि जहाजों की टक्कर और तेल रिसाव कैसे ग्रे व्हेल की आबादी को प्रभावित कर रहे हैं।

पर्यावरणविदों का कहना है कि ग्रे व्हेल की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की आवश्यकता है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि वे ग्रे व्हेल की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के लिए काम करें। यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है जिस पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है।