न्याय प्रणाली की जड़ें न्यायालयों में हैं, यह कहना है सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के. वी. विश्वनाथन का। उन्होंने कहा कि न्यायालय केवल ईंट-पत्थरों का ढांचा नहीं है, बल्कि यह एक संविधानिक संस्था है जो कानून के शासन के तहत हर किसी के अधिकारों की रक्षा की गारंटी देती है।

उन्होंने कहा कि न्यायालय का काम न केवल अपराधियों को सजा देना है, बल्कि यह भी है कि न्याय प्रणाली को मजबूत बनाना और लोगों के अधिकारों की रक्षा करना। उन्होंने कहा कि न्यायालय के माध्यम से ही लोगों को न्याय मिल सकता है और उनके अधिकारों की रक्षा हो सकती है।

उन्होंने कहा कि न्यायालय की जिम्मेदारी बहुत बड़ी है, लेकिन हमें इस जिम्मेदारी को निभाने के लिए पूरी तरह से तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि न्यायालय के न्यायाधीशों को अपने कार्यों को बहुत सावधानी से करना होगा और लोगों के अधिकारों की रक्षा करनी होगी।