अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो समर्थन को लेकर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका का नाटो के साथ संबंध 'पारस्परिक' नहीं है और ईरान युद्ध में वे अमेरिका के साथ नहीं थे। ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर लिखा कि नाटो के साथ अमेरिका का संबंध 'एकतरफा' है और यह 'हास्यमय' है कि अमेरिका इसे जारी रखे।

ट्रंप की यह टिप्पणी नाटो शिखर सम्मेलन से कम से कम एक सप्ताह पहले आई है। उन्होंने कहा कि नाटो के साथ अमेरिका का संबंध 'पारस्परिक' नहीं है और वे अमेरिका के लिए खड़े नहीं हुए। ट्रंप ने यह भी कहा कि नाटो के साथ अमेरिका का संबंध 'एकतरफा' है और यह अमेरिका के हित में नहीं है।

नाटो शिखर सम्मेलन में अमेरिका और नाटो के अन्य सदस्य देशों के बीच संबंधों पर चर्चा होने की उम्मीद है। ट्रंप की टिप्पणी से यह स्पष्ट होता है कि अमेरिका नाटो के साथ अपने संबंधों को लेकर असंतुष्ट है। उन्होंने कहा कि अमेरिका नाटो के साथ अपने संबंधों को लेकर पुनर्विचार करेगा और यह देखेगा कि क्या यह संबंध अमेरिका के हित में है।

ट्रंप की यह टिप्पणी नाटो और अमेरिका के बीच संबंधों को लेकर नई चुनौतियों को जन्म दे सकती है। नाटो के अन्य सदस्य देशों को यह चिंता हो सकती है कि अमेरिका नाटो के साथ अपने संबंधों को लेकर पुनर्विचार करेगा और यह उनके हित में नहीं हो सकता है।