अमेरिका में एक विश्वविद्यालय में चार्ली किर्क की हत्या के एक दिन बाद, एक AI चैटबॉट परप्लेक्सिटी का एक्स अकाउंट ने एक विवादास्पद दावा किया है। परप्लेक्सिटी ने दावा किया कि चार्ली किर्क कभी गोली नहीं मारी गई थी, जो कि एक पूरी तरह से झूठा दावा है।
चार्ली किर्क एक प्रमुख सहयोगी थे जिन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ काम किया था। उनकी हत्या के बाद, परप्लेक्सिटी का एक्स अकाउंट ने एक विवादास्पद दावा किया जिससे ऑनलाइन हड़कंप मच गया।
इस मामले ने AI की सत्यापित करने की क्षमता को लेकर सवाल उठाए हैं। AI चैटबॉट्स को अक्सर सत्यापित करने के लिए उपयोग किया जाता है, लेकिन यह मामला दिखाता है कि AI भी गलत जानकारी फैला सकते हैं।