फ्रांस की दूर-दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन ने 2027 में फ्रांस के राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने का फैसला किया है, इसके बावजूद उनके ऊपर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हुए हैं। उनके विरोधियों ने उनकी तुलना डोनाल्ड ट्रंप से की है, जिन्हें लगता था कि उनके मतदाता उनके खिलाफ कानूनी जांच से परेशान नहीं हैं।
मरीन ले पेन ने पश्चिमी फ्रांस में एक बाजार में अपने राष्ट्रपति अभियान की शुरुआत की, जहां वामपंथी प्रदर्शनकारियों ने उन्हें 'अपराधी' कहा। इससे एक दिन पहले, एक अपील अदालत ने यूरोपीय संसद के फंड के गबन के लिए उनके दोषी ठहराए जाने की पुष्टि की थी।
मरीन ले पेन के अभियान पर उनके ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों का साया मंडरा रहा है। उनके विरोधियों का कहना है कि वह अपने कानूनी मामलों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही हैं। लेकिन मरीन ले पेन का कहना है कि वह राजनीति पर बात करना चाहती हैं और अपने देश के लिए काम करना चाहती हैं।
मरीन ले पेन के अभियान को फ्रांस के राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। उनके समर्थकों का कहना है कि वह देश को एक नई दिशा देने की क्षमता रखती हैं, जबकि उनके विरोधियों का कहना है कि वह देश को खतरे में डाल सकती हैं।

