केरल में क्रोनिक विकलांगता वाले बच्चों के परिवारों को अपने जीवन और बच्चों के चिकित्सा उपचार का प्रबंधन करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इन परिवारों को न केवल आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, बल्कि उन्हें अपने बच्चों की देखभाल करने के लिए भी समय और ऊर्जा की कमी होती है।
केरल में क्रोनिक विकलांगता वाले बच्चों के परिवारों की स्थिति को समझने के लिए, हमने कुछ परिवारों से बात की। इन परिवारों ने अपनी दुखद कहानियां साझा कीं, जिनमें से कुछ को हम यहां प्रस्तुत कर रहे हैं।
एक परिवार के पिता ने कहा, 'हमारे बच्चे को एक क्रोनिक बीमारी है, जिसके कारण वह हमेशा अस्पताल में भर्ती रहता है। हमें अपने बच्चे की देखभाल करने के लिए समय और ऊर्जा की कमी होती है, जिससे हमारे परिवार के अन्य सदस्यों को भी परेशानी होती है। हमें लगता है कि हमें एक सामाजिक समर्थन प्रणाली की आवश्यकता है, जिससे हम अपने बच्चों की देखभाल करने में मदद पा सकें।'

