केरल राज्य काजू विकास निगम (केएससीडीसी) के पूर्व अध्यक्ष आर. चंद्रशेखरन ने कहा है कि निगम के निर्णय लेने के लिए निदेशक मंडल की एकमत होती है। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष को ही निर्णय लेने की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि निदेशक मंडल के सभी सदस्यों की सहमति से ही निर्णय लिए जाते हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार के निर्णय के बाद उन्हें और पूर्व केएससीडीसी प्रबंध निदेशक के.ए. रतीश को आरोपित भ्रष्टाचार में शामिल होने के लिए दोषी ठहराने की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल उन्हें बल्कि निगम के सभी कर्मचारियों को भी नुकसान पहुंचाएगा।

उन्होंने कहा कि निगम के निर्णय लेने की प्रक्रिया में कई चरण होते हैं और निदेशक मंडल की एकमत होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी निर्णय के लिए अध्यक्ष को ही जिम्मेदार ठहराया जाए, तो यह निगम की प्रक्रिया को कमजोर कर देगा।

उन्होंने कहा कि निगम के निर्णय लेने की प्रक्रिया में कई चरण होते हैं और निदेशक मंडल की एकमत होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी निर्णय के लिए अध्यक्ष को ही जिम्मेदार ठहराया जाए, तो यह निगम की प्रक्रिया को कमजोर कर देगा।