केरल में रिट्रेंचमेंट के मामले में श्रम कोड के चैप्टर XI के अनुसार, उपयुक्त सरकार द्वारा एक श्रमिक को फिर से प्रशिक्षण के लिए एक फंड की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा, नियोक्ता को रिट्रेंचमेंट से पहले श्रमिक द्वारा प्राप्त 15 दिनों के वेतन के बराबर राशि का योगदान करना होगा।
इस नियम के तहत, नियोक्ता को श्रमिक को रिट्रेंचमेंट के बाद भी प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए जिम्मेदार होगा। इसके अलावा, श्रमिक को भी अपने कौशल को अद्यतन करने और अपने करियर को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
केरल में रिट्रेंचमेंट के मामले में श्रम कोड और इसके नियमों का उद्देश्य श्रमिकों को सुरक्षित और स्थिर भविष्य प्रदान करना है। इसके अलावा, यह नियम नियोक्ताओं को भी प्रोत्साहित करता है कि वे अपने कर्मचारियों को प्रशिक्षण और विकास के अवसर प्रदान करें।

