केरल विधानसभा में बजट पर चर्चा शुरू होने के साथ ही विपक्षी दलों ने अपनी आपत्तियां जताई हैं। सीपीआई(एम)-नेतृत्व वाली एलडीएफ और भाजपा ने बजट को घोषणाओं से भरपूर लेकिन पर्याप्त आवंटन से वंचित बताया है। वे इसे व्यर्थ और व्यर्थ का बजट बता रहे हैं।
केरल के वित्त मंत्री के.एन. बालागोपाल ने बजट पेश करते हुए कहा था कि यह बजट केरल के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि बजट में विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए पर्याप्त आवंटन किया गया है। लेकिन विपक्षी दलों ने इसे नकार दिया है।
विपक्षी दलों का कहना है कि बजट में विभिन्न घोषणाएं की गई हैं, लेकिन पर्याप्त आवंटन नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि बजट में विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए पर्याप्त आवंटन किया जाना चाहिए था। लेकिन ऐसा नहीं हुआ है।
केरल विधानसभा में बजट पर चर्चा शुरू होने के साथ ही विपक्षी दलों ने अपनी आपत्तियां जताई हैं। सीपीआई(एम)-नेतृत्व वाली एलडीएफ और भाजपा ने बजट को घोषणाओं से भरपूर लेकिन पर्याप्त आवंटन से वंचित बताया है। वे इसे व्यर्थ और व्यर्थ का बजट बता रहे हैं।
केरल के वित्त मंत्री के.एन. बालागोपाल ने बजट पेश करते हुए कहा था कि यह बजट केरल के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि बजट में विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए पर्याप्त आवंटन किया गया है। लेकिन विपक्षी दलों ने इसे नकार दिया है।