कोलकाता में एक सरकारी भवन में आग लगने से 4,000 ईवीएम जलकर स्वाहा हो गए हैं। इस घटना ने संदेह और राजनीतिक आक्रोश को बढ़ावा दिया है।
कोलकाता पुलिस ने इस मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है।
कोलकाता पुलिस आयुक्त सुजीत प्रसाद ने कहा, "एसआईटी का गठन किया गया है और जांच शुरू हो गई है। हम इस मामले में पूरी जांच करेंगे और जिम्मेदारों को सजा दिलाने के लिए काम करेंगे।"
इस घटना ने राजनीतिक दलों के बीच आक्रोश को बढ़ावा दिया है। कांग्रेस ने इसे "आजादी के 75 साल के बाद भी ईवीएम की सुरक्षा की कमी" के रूप में देखा है।
कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, "कोलकाता में ईवीएम जलने की घटना एक गंभीर मामला है। यह आजादी के 75 साल के बाद भी ईवीएम की सुरक्षा की कमी का प्रमाण है।"
इस घटना ने भारतीय चुनाव आयोग को भी चिंतित किया है। चुनाव आयोग ने कहा है कि वह इस मामले में जांच करेगा और आवश्यक कार्रवाई करेगा।
कोलकाता में ईवीएम जलने की घटना ने भारत की चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित किया है। इस मामले में एसआईटी का गठन एक महत्वपूर्ण कदम है, जो जिम्मेदारों को सजा दिलाने के लिए काम करेगा।
