कांग्रेस ने एनडीए शासित राज्यों से विश्वविद्यालय शिक्षा विधेयक (विश्वविद्यालय शिक्षा सुधार अधिनियम, 2023) का विरोध करने के लिए कहा है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि प्रस्तावित कानून शक्तियों का केंद्रीकरण करता है, संघीय सिद्धांतों को कमजोर करता है और विश्वविद्यालय स्वायत्तता को कम करता है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि विधेयक के तहत केंद्र सरकार को विश्वविद्यालयों के प्रबंधन में अधिकार दिए जाएंगे, जिससे राज्यों की स्वायत्तता कम हो जाएगी। उन्होंने कहा कि यह कानून विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को कम करने और केंद्र सरकार के नियंत्रण में आने का एक तरीका है।
जयराम रमेश ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जे.जी. रेड्डी से कहा कि यदि उन्हें लगता है कि विधेयक राज्यों के हितों को नुकसान पहुंचाता है, तो वे 'बदले से खड़े हों' और इसे विरोध करें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी विश्वविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए हमेशा तैयार है, लेकिन यह सुधार राज्यों की स्वायत्तता को कम करने के लिए नहीं होना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने कहा कि विधेयक के पारित होने से विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता कम हो जाएगी और केंद्र सरकार के नियंत्रण में आने का एक तरीका होगा। उन्होंने कहा कि यह कानून विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को कम करने और केंद्र सरकार के नियंत्रण में आने का एक तरीका है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि विधेयक के पारित होने से विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता कम हो जाएगी और केंद्र सरकार के नियंत्रण में आने का एक तरीका होगा। उन्होंने कहा कि यह कानून विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को कम करने और केंद्र सरकार के नियंत्रण में आने का एक तरीका है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि विधेयक के पारित होने से विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता कम हो जाएगी और केंद्र सरकार के नियंत्रण में आने का एक तरीका होगा। उन्होंने कहा कि यह कानून विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को कम करने और केंद्र सरकार के नियंत्रण में आने का एक तरीका है।

