इल निनो प्रभाव के कारण यूरोप और दक्षिण एशिया में भारत सहित देशों में अत्यधिक गर्मी और मानसून की कमी से जूझ रहे हैं। गर्मी के तनाव ने पूरे विश्व में जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है, जिससे कमजोर वर्ग के लोग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। इस प्रभाव के कारण कई देशों में जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाले प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ गया है।
इस प्रकार के प्राकृतिक आपदाओं के कारण कई देशों में जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाले प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ गया है। इसके अलावा, गर्मी के तनाव के कारण कई देशों में स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दबाव बढ़ गया है। इस प्रकार के प्राकृतिक आपदाओं के कारण कई देशों में जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाले प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ गया है।
इस प्रकार के प्राकृतिक आपदाओं के कारण कई देशों में जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाले प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ गया है। इसके अलावा, गर्मी के तनाव के कारण कई देशों में स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दबाव बढ़ गया है। इस प्रकार के प्राकृतिक आपदाओं के कारण कई देशों में जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाले प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ गया है।
