ईयू नियामकों ने मेटा पर आरोप लगाया है कि वह अपने 'आदी देने वाले डिजाइन' के मानसिक स्वास्थ्य जोखिमों को नहीं संबोधित कर रहा है। फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसी सुविधाओं में ऑटोप्ले और अनंत स्क्रॉल जैसी विशेषताएं 'आदी देने वाले उपयोग' में योगदान करती हैं।
शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक आरोप पत्र में, यूरोपीय आयोग ने कहा कि वीडियो ऑटोप्ले और अनंत स्क्रॉल जैसी विशेषताएं, जो अंतहीन सामग्री प्रदान करती हैं, 'मस्तिष्क को स्वचालित मोड में बदल देती हैं, जो अस्वस्थ आदतों और आदी देने वाले उपयोग में योगदान करती हैं।' यह आरोप पत्र मेटा के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है और यह देखना दिलचस्प होगा कि कंपनी इसका जवाब कैसे देती है।
यह मामला मानसिक स्वास्थ्य और तकनीक के बीच संबंधों पर बढ़ती चिंताओं को दर्शाता है। कई अध्ययनों में पाया गया है कि सोशल मीडिया जैसी डिजिटल सेवाओं का अत्यधिक उपयोग मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा हो सकता है। इसलिए, यह आवश्यक है कि तकनीकी कंपनियां अपने उत्पादों को डिजाइन करते समय मानसिक स्वास्थ्य पर उनके प्रभाव को ध्यान में रखें।
मेटा पर लगे आरोपों का यह मामला न केवल कंपनी के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह整个 तकनीकी उद्योग के लिए भी एक संदेश है। यह दिखाता है कि नियामक अब तकनीकी कंपनियों से उनके उत्पादों के स्वास्थ्य प्रभावों के बारे में जवाबदेही मांग रहे हैं। यह एक सकारात्मक कदम है और यह उम्मीद की जा सकती है कि इससे तकनीकी कंपनियां अपने उत्पादों को अधिक सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक बनाने के लिए प्रेरित होंगी।

