तेहरान/यरुशलम। मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने सोमवार सुबह इज़राइल पर नया मिसाइल हमला किया, जिसके बाद देश के कई हिस्सों में सायरन बजने लगे और लोगों को सुरक्षित बंकरों तथा शेल्टरों में जाने के निर्देश दिए गए।
रिपोर्टों के अनुसार, इज़राइल के मध्य और उत्तरी क्षेत्रों में हवाई हमले की चेतावनी जारी की गई। कुछ समय बाद स्थिति सामान्य होने पर नागरिकों को शेल्टरों से बाहर निकलने की अनुमति दे दी गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
लेबनान युद्धविराम उल्लंघन का लगाया आरोप
ईरान के केंद्रीय सैन्य कमान ने रविवार रात इज़राइल पर मिसाइल हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि यह कार्रवाई लेबनान में युद्धविराम के कथित बार-बार उल्लंघन के जवाब में की गई है। तेहरान का आरोप है कि इज़राइली सेना लगातार ऐसे कदम उठा रही है जिससे क्षेत्रीय तनाव बढ़ रहा है।
इज़राइल ने भी किया जवाबी हमला
ईरानी हमले के बाद सोमवार तड़के इज़राइल ने भी ईरान के खिलाफ जवाबी सैन्य कार्रवाई की। इससे पहले रविवार को इज़राइल ने बेरूत के उपनगरों में हवाई हमले किए थे।
इज़राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और रक्षा मंत्री Israel Katz ने कहा कि सेना ने उन ठिकानों को निशाना बनाया, जिन्हें उन्होंने "आतंकी मुख्यालय" बताया। उनका दावा है कि ईरान समर्थित संगठन Hezbollah द्वारा इज़राइल पर हमले किए गए थे।
हिज़्बुल्लाह और ईरान का संबंध
हिज़्बुल्लाह को ईरान का सबसे महत्वपूर्ण गैर-राज्य सहयोगी माना जाता है। बेरूत और दक्षिणी लेबनान में इज़राइली सैन्य कार्रवाई को लेकर तेहरान पहले ही चेतावनी दे चुका था कि ऐसे हमलों को क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने वाला कदम माना जाएगा।
वैश्विक चिंता बढ़ी
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान, इज़राइल और हिज़्बुल्लाह के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियां पूरे मध्य पूर्व को एक बड़े संघर्ष की ओर धकेल सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार दोनों पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान तलाशने की अपील कर रहा है।
फिलहाल क्षेत्र की स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है और आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाते हैं, यह वैश्विक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।