कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने गाजा में चल रहे संघर्ष के दौरान मोदी सरकार की 'पत्थर की चुप्पी' पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि गाजा में बढ़ते जनसामान्य के आक्रोश के बीच और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय द्वारा इसे अन्यायपूर्ण क्रूरता के रूप में पहचाने जाने के बावजूद, भारत एक अकेला चुप्पी का प्रतीक बन गया है।

गाजा में चल रहे संघर्ष के दौरान, सोनिया गांधी ने कहा कि यह एक 'जनसंहार' है और इसे रोकने के लिए तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत को अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर इस संघर्ष का समाधान निकालना चाहिए। सोनिया गांधी ने कहा कि भारत को अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार होना चाहिए और गाजा में चल रहे संघर्ष के दौरान भी यह जिम्मेदारी बनी रहनी चाहिए।

गाजा में चल रहे संघर्ष के दौरान, सोनिया गांधी ने कहा कि यह एक बड़ा मानवाधिकार का उल्लंघन है और इसे रोकने के लिए तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत को अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर इस संघर्ष का समाधान निकालना चाहिए। सोनिया गांधी ने कहा कि भारत को अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार होना चाहिए और गाजा में चल रहे संघर्ष के दौरान भी यह जिम्मेदारी बनी रहनी चाहिए।