एक महिला को एमसीजी के बाहर लिडिया थॉर्प पर हमला करने के लिए सामुदायिक कार्य आदेश दिया गया है। यह हमला इसलिए हुआ क्योंकि स्वतंत्र सेनेटर ने उसकी माँ का अपमान किया था। महिला को पहले गुस्सा प्रबंधन पाठ्यक्रम करने के लिए कहा गया था, लेकिन जमानत पर रहते हुए उसने दूसरा हमला किया।
इस मामले में अदालत ने महिला को दोषी ठहराया और सामुदायिक कार्य आदेश दिया। यह हमला 2024 में हुआ था और इसके बाद महिला को जमानत पर रिहा किया गया था। लेकिन उसने जमानत पर रहते हुए दूसरा हमला किया, जिसे अदालत ने 'अनावश्यक हिंसा' करार दिया।
इस मामले में अदालत ने कहा कि महिला को अपने गुस्से पर नियंत्रण रखने की जरूरत है। अदालत ने यह भी कहा कि महिला को अपने कार्यों के परिणामों को समझने की जरूरत है। इस मामले में अदालत का फैसला सुनने के बाद महिला को सामुदायिक कार्य आदेश दिया गया है।
इस मामले में लिडिया थॉर्प ने कहा कि उन्हें हमले से बहुत चोट पहुंची थी। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि महिला को अपने कार्यों के परिणामों को समझने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि महिला अपने गुस्से पर नियंत्रण रखेगी और भविष्य में ऐसा हमला नहीं करेगी।

