भारतीय प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गोवा में 'अवैध' लोहे के खनन मामले में ₹1,000 करोड़ से अधिक संपत्तियों पर हस्ताक्षेप किया है। ED ने आरोप लगाया है कि उसकी जांच में पता चला है कि AVS ग्रुप ने 2007-12 के दौरान दस खनन लाइसेंस चलाए और अवैध रूप से लोहे के खनन, बिक्री और निर्यात से अपराध के लाभ के रूप में ₹2,492.95 करोड़ प्राप्त किए।

ED के अनुसार, AVS ग्रुप ने गोवा के विभिन्न हिस्सों में अवैध रूप से लोहे के खनन किया और इसके बाद इसे बेचा और निर्यात किया। ED ने आरोप लगाया है कि इस पूरे मामले में कई लोगों की संलिप्तता है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।

ED के इस कदम को गोवा सरकार ने स्वागत किया है। गोवा सरकार के एक अधिकारी ने कहा है कि ED के इस कदम से अवैध खनन के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ा कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार अवैध खनन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी और जिन लोगों को इसका दोषी पाया जाएगा, उन पर कार्रवाई की जाएगी।