अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, बिश्नोई के समूह ने भारत में गरीब नाबालिगों को उद्यम में शामिल होने के लिए प्रेरित किया और वफादार सदस्यों को नेटवर्क के लिए काम करने के लिए विदेश भेजा गया। गिरोह के सदस्यों के पास समूह में अन्य लोगों की पहचान या पृष्ठभूमि के बारे में सीमित जानकारी थी।
बिश्नोई के इस विकेंद्रीकृत सिंडिकेट ने अपने सदस्यों को विदेशों में भेजकर अपने प्रभाव का विस्तार किया और उन्हें नेटवर्क के लिए काम करने के लिए प्रेरित किया। इस प्रकार, उन्होंने अपने गिरोह को विश्व स्तर पर फैलाने का प्रयास किया।
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, बिश्नोई का मुख्य उद्देश्य अपने गिरोह के माध्यम से डर पैदा करना था और इसके लिए उन्होंने 'एस.के.' की हत्या की योजना बनाई। यह उनके द्वारा अपने प्रभाव को बढ़ाने और अपने गिरोह को मजबूत बनाने के लिए किया गया एक महत्वपूर्ण कदम था।
इस पूरे मामले में अमेरिकी न्याय विभाग की जांच ने बिश्नोई के गिरोह के कार्यों को उजागर किया है और यह दिखाया है कि कैसे उन्होंने अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए विकेंद्रीकृत सिंडिकेट का उपयोग किया। यह जांच आगे भी जारी रहेगी और उम्मीद है कि इससे और भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आएगी।
