बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि साझा ऑटो में यौन उत्पीड़न के मामले में Internal Complaints Committee (ICC) का आदेश रद्द कर दिया जाए। कोर्ट ने कहा है कि साझा ऑटो में यौन उत्पीड़न के मामले में PoSH अधिनियम के तहत 'कार्यस्थल' की परिभाषा का पालन नहीं किया जा सकता है।
कोर्ट ने कहा है कि साझा ऑटो में यौन उत्पीड़न के मामले में ICC का आदेश रद्द करने का निर्णय इसलिए लिया गया है क्योंकि साझा ऑटो में यौन उत्पीड़न के मामले में PoSH अधिनियम के तहत 'कार्यस्थल' की परिभाषा का पालन नहीं किया जा सकता है।
कोर्ट ने कहा है कि साझा ऑटो में यौन उत्पीड़न के मामले में ICC का आदेश रद्द करने से यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी व्यक्ति अपने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न का शिकार न हो।
