भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS उड्डयगिरि और INS कवारत्ती वियतनाम में पहुंचे हैं। इन युद्धपोतों का नेतृत्व रियर एडमिरल आलोक आनंद कर रहे हैं, जो पूर्वी फ्लीट के कमांडिंग ऑफिसर हैं। इन युद्धपोतों का उद्देश्य वियतनाम के साथ समुद्री सहयोग बढ़ाना और दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करना है।
INS उड्डयगिरि एक स्टील्थ फ्रिगेट है, जो अपनी उच्च तकनीक और सैन्य क्षमताओं के लिए जानी जाती है। वहीं, INS कवारत्ती एक एंटी-सबमरीन वॉरफेयर कॉर्वेट है, जो अपनी उच्च गति और सैन्य क्षमताओं के लिए जानी जाती है। इन दोनों युद्धपोतों का नेतृत्व करने वाले रियर एडमिरल आलोक आनंद ने कहा है कि उनका उद्देश्य वियतनाम के साथ समुद्री सहयोग बढ़ाना और दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करना है।
भारत और वियतनाम के बीच समुद्री सहयोग बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इनमें से एक कदम है दोनों देशों के बीच समुद्री सहयोग पर समझौते का हस्ताक्षर करना। इस समझौते के तहत दोनों देशों को समुद्री सहयोग में सहयोग करना होगा। इसके अलावा, दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा पर चर्चा की जाएगी।
