वॉशिंगटन। अमेरिका के वर्जीनिया राज्य में भारतीय मूल के छात्रों की एक टीम को उनके अभिनव एंटी-बुलिंग चैटबॉट ‘रीथिंक’ (Rethink) के लिए व्हाइट हाउस में सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि को भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए गर्व का क्षण माना जा रहा है।
‘रीथिंक’ नामक चैटबॉट का उद्देश्य ऑनलाइन बुलिंग (Cyberbullying) को रोकना और युवाओं को सोशल मीडिया पर जिम्मेदार व्यवहार के लिए प्रोत्साहित करना है। यह तकनीक उपयोगकर्ताओं को आपत्तिजनक या आहत करने वाले संदेश पोस्ट करने से पहले दोबारा सोचने का अवसर देती है।
छात्रों की इस टीम को अमेरिका की पूर्व प्रथम महिला Melania Trump द्वारा व्हाइट हाउस में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में डिजिटल सुरक्षा, ऑनलाइन शिष्टाचार और युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई।
‘रीथिंक’ परियोजना को तकनीक के सकारात्मक उपयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर बढ़ती साइबर बुलिंग की घटनाओं के बीच इस तरह के नवाचार युवाओं को सुरक्षित डिजिटल वातावरण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
छात्रों ने कहा कि उनका उद्देश्य ऐसी तकनीक विकसित करना था जो लोगों को ऑनलाइन संवाद करते समय अपने शब्दों के प्रभाव के बारे में सोचने के लिए प्रेरित करे। उनकी इस उपलब्धि को शिक्षा और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यह सम्मान न केवल टीम की मेहनत और प्रतिभा को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि युवा तकनीक के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
