भारतीय वित्तीय बाजार में फ्यूचर्स और ऑप्शन्स (F&O) में व्यापार करने वाले रिटेल ट्रेडर्स अक्सर अपने पैसे खो देते हैं। यह इसलिए है क्योंकि वे एक हथियार के साथ एक गनफाइट में जाते हैं। SEBI के शोध से पता चलता है कि भारतीय F&O बाजार में 97% संस्थागत लाभ और 96% स्वामित्व व्यापार लाभ अल्गोरिदमिक व्यापार द्वारा प्राप्त किए जाते हैं।
अल्गोरिदमिक व्यापार में कंप्यूटर प्रोग्राम्स का उपयोग करके बाजार के डेटा का विश्लेषण किया जाता है और व्यापारिक निर्णय लिए जाते हैं। यह प्रक्रिया बहुत तेजी से और सटीक होती है, जिससे संस्थागत व्यापारियों को बड़े पैमाने पर लाभ होता है। दूसरी ओर, रिटेल ट्रेडर्स के पास अल्गोरिदमिक व्यापार के लिए आवश्यक संसाधन और ज्ञान नहीं होता है, जिससे वे अपने पैसे खो देते हैं।
इसलिए, भारतीय वित्तीय नियामकों को रिटेल ट्रेडर्स की सुरक्षा के लिए पर्याप्त सुरक्षाएं लागू करनी चाहिए। इससे रिटेल ट्रेडर्स को अल्गोरिदमिक व्यापार के खिलाफ सुरक्षित रहने में मदद मिलेगी और वे अपने पैसे सुरक्षित रख सकेंगे।

