बिहार को एक समय बिजली से वंचित राज्य के रूप में जाना जाता था, लेकिन अब यह राज्य ने 2005 में 700 मेगावाट से 9426 मेगावाट तक बिजली की आपूर्ति का रिकॉर्ड बनाया है। सरकारी पहलों ने वर्षों में बिजली आपूर्ति के ढांचे को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

बिहार की प्रति व्यक्ति बिजली उपभोग में पांच गुना वृद्धि एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो राज्य के विकास को दर्शाती है। यह वृद्धि बिजली आपूर्ति के सुधार और सरकारी पहलों के परिणामस्वरूप हुई है। बिहार के लोगों को अब बिजली की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है, जो उनके जीवन को आसान बनाता है।

बिहार की बिजली आपूर्ति की वृद्धि ने राज्य के उद्योगों और किसानों को भी लाभ पहुंचाया है। उद्योगों को अब पर्याप्त बिजली मिल रही है, जिससे उनकी उत्पादन क्षमता बढ़ी है। किसानों को भी बिजली की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है, जिससे उनकी फसलों की उत्पादकता बढ़ी है।