कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खarge ने कहा है कि आरएसएस की तीन दिवसीय बैठक के लिए सरकारी अनुमति की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह एक निजी कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की प्रक्रिया या सार्वजनिक सड़कों पर इकट्ठा होने के लिए पुलिस की अनुमति की आवश्यकता होती है, जिसके लिए स्थानीय कानून व्यवस्था की स्थिति का आकलन करने के बाद ही किया जा सकता है।
इस बैठक के दौरान, आरएसएस के कार्यकर्ता अपने संगठन के मिशन और लक्ष्यों पर चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि आरएसएस की बैठकें हमेशा से ही निजी कार्यक्रमों के रूप में आयोजित की जाती रही हैं और सरकारी अनुमति की आवश्यकता नहीं होती है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की प्रक्रिया या सार्वजनिक सड़कों पर इकट्ठा होने के लिए पुलिस की अनुमति की आवश्यकता होती है, जिसके लिए स्थानीय कानून व्यवस्था की स्थिति का आकलन करने के बाद ही किया जा सकता है।
आरएसएस की बैठकें हमेशा से ही निजी कार्यक्रमों के रूप में आयोजित की जाती रही हैं और सरकारी अनुमति की आवश्यकता नहीं होती है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की प्रक्रिया या सार्वजनिक सड़कों पर इकट्ठा होने के लिए पुलिस की अनुमति की आवश्यकता होती है, जिसके लिए स्थानीय कानून व्यवस्था की स्थिति का आकलन करने के बाद ही किया जा सकता है।

