दिल्ली हाईकोर्ट ने अस्पतालों में आईसीयू बेड की उपलब्धता के बारे में अस्पष्टता को उजागर करते हुए अस्पतालों की गुप्त निरीक्षण का आदेश दिया है। अदालत ने यह भी पाया कि मरीज़ को एक अनोखा स्वास्थ्य पहचान संख्या (यूएचआईडी) नहीं दिया गया था, लेकिन दूसरे अस्पताल में यह संख्या दी गई थी। अदालत ने यह भी कहा कि अस्पतालों में आईसीयू बेड की उपलब्धता के बारे में जानकारी को सार्वजनिक करना आवश्यक है।
अदालत ने यह भी कहा कि अस्पतालों में आईसीयू बेड की उपलब्धता के बारे में जानकारी को सार्वजनिक करना आवश्यक है। अदालत ने यह भी कहा कि अस्पतालों को आईसीयू बेड की उपलब्धता के बारे में जानकारी को समय-समय पर अदालत को देना होगा। अदालत ने यह भी कहा कि अस्पतालों को मरीज़ों को उचित देखभाल प्रदान करना होगा।
अदालत ने यह भी कहा कि अस्पतालों को मरीज़ों को उचित देखभाल प्रदान करना होगा। अदालत ने यह भी कहा कि अस्पतालों को मरीज़ों के स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाली किसी भी चीज़ के बारे में जानकारी को सार्वजनिक करना होगा। अदालत ने यह भी कहा कि अस्पतालों को मरीज़ों के स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाली किसी भी चीज़ के बारे में जानकारी को समय-समय पर अदालत को देना होगा।

