नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स स्क्वॉड, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने संयुक्त कार्रवाई में राजधानी में चल रही एक कथित ड्रग्स निर्माण इकाई का भंडाफोड़ किया है। मामले में दो विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि छापेमारी के दौरान एक नाइजीरियाई महिला की मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, बाहरी दिल्ली के स्वरूप नगर इलाके में स्थित एक इमारत में संचालित इस कथित ड्रग्स फैक्ट्री पर गुरुवार को छापा मारा गया था। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह मामला राजधानी में सक्रिय किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।
छापेमारी के दौरान महिला की मौत
पुलिस के मुताबिक, छापेमारी के दौरान नाइजीरियाई महिला स्टेला पियस नामक महिला ने कथित तौर पर चौथी मंजिल की बालकनी से छलांग लगा दी। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
अधिकारियों ने बताया कि संबंधित दूतावास को घटना की जानकारी दे दी गई है और आवश्यक अनुमति मिलने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
दो विदेशी नागरिक गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान डिडियर रोमियो और मार्टिन अजवा के रूप में हुई है।
जांच में पता चला है कि डिडियर रोमियो वर्ष 2021 में बिजनेस वीजा पर भारत आया था, जबकि मार्टिन अजवा 2023 में मेडिकल वीजा पर भारत पहुंचा था।
दोनों आरोपियों को अदालत ने तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है, जहां उनसे पूछताछ जारी है।
भारी मात्रा में रसायन और ड्रग्स बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में रसायन, संदिग्ध पदार्थ और ड्रग्स निर्माण में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए।
बरामद सामग्री में शामिल हैं:
लगभग 100 लीटर संदिग्ध रासायनिक पदार्थ
10 लीटर हाइड्रोक्लोरिक एसिड
15.5 लीटर हाइपोफॉस्फोरस एसिड
35.5 किलोग्राम सफेद पाउडर
21 किलोग्राम काले दानेदार पदार्थ
4.1 किलोग्राम काला तरल पदार्थ
192 ग्राम MDMA ड्रग
इसके अलावा डिस्टिलेशन यूनिट, हीटिंग उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीनें, गैस सिलेंडर और अन्य प्रयोगशाला उपकरण भी बरामद किए गए हैं।
कैसे खुला मामला?
पुलिस के अनुसार, 9 जून को बुराड़ी क्षेत्र से फ्रैंक डैशमंड नामक एक नाइजीरियाई नागरिक को गिरफ्तार किया गया था। उसके कब्जे से 67.9 ग्राम MDMA बरामद हुई थी।
पूछताछ के दौरान मिले सुरागों के आधार पर जांच टीम स्वरूप नगर पहुंची, जहां कथित ड्रग निर्माण इकाई का पता चला।
मनी ट्रेल की भी जांच
पुलिस और NCB अब इस मामले में वित्तीय जांच भी कर रही हैं। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि ड्रग्स निर्माण के लिए इस्तेमाल किए गए रसायन कहां से खरीदे गए, इनके पीछे कौन लोग हैं और इस नेटवर्क का विस्तार कितना बड़ा है।
अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह किसी बड़े संगठित ड्रग तस्करी नेटवर्क का हिस्सा प्रतीत होता है।
दिल्ली में नशा नेटवर्क पर बड़ा प्रहार
विशेषज्ञों का मानना है कि राजधानी में ड्रग्स निर्माण इकाई का पकड़ा जाना कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों के लिहाज से गंभीर मामला है। यदि जांच में अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की पुष्टि होती है, तो आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
फिलहाल फोरेंसिक जांच रिपोर्ट और पुलिस पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
