नई दिल्ली। भीषण गर्मी के बीच दिल्लीवासियों को बिजली के मोर्चे पर बड़ा झटका लग सकता है। दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (DERC) ने बिजली वितरण कंपनियों (Discoms) को ईंधन और बिजली खरीद लागत से जुड़े सरचार्ज की वसूली में अधिक लचीलापन देने का फैसला किया है। इसके बाद बिना सब्सिडी वाले उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में उल्लेखनीय वृद्धि की आशंका जताई जा रही है।

ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े जानकारों का कहना है कि इस बदलाव का सबसे अधिक असर उन उपभोक्ताओं पर पड़ेगा जो दिल्ली सरकार की बिजली सब्सिडी योजना के दायरे में नहीं आते। कुछ रिपोर्टों में अनुमान लगाया गया है कि कुछ श्रेणियों में कुल बिल पर प्रभाव 17% तक पहुंच सकता है, हालांकि वास्तविक बढ़ोतरी खपत और डिस्कॉम क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

क्या है DERC का नया आदेश?

DERC ने Fuel and Power Purchase Adjustment Surcharge (FPPAS/PPAC) से जुड़े प्रावधानों में बदलाव करते हुए बिजली वितरण कंपनियों को बढ़ी हुई बिजली खरीद लागत की वसूली के लिए उच्च सरचार्ज लगाने की अनुमति दी है। यह सरचार्ज कोयला, गैस और बिजली खरीद लागत में उतार-चढ़ाव की भरपाई के लिए लगाया जाता है।

नियामक आयोग का तर्क है कि हाल के महीनों में बिजली खरीद लागत, ईंधन कीमतों और बाजार की अनिश्चितताओं में वृद्धि हुई है, जिसका असर वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति पर पड़ा है।

उपभोक्ताओं की जेब पर कितना असर?

ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार, यदि सरचार्ज पूरी तरह लागू होता है तो घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं के मासिक बिल में वृद्धि देखने को मिल सकती है। जिन उपभोक्ताओं को सब्सिडी नहीं मिलती, उनके लिए यह बढ़ोतरी अधिक महसूस होगी क्योंकि पूरा अतिरिक्त भार सीधे बिल में दिखाई देगा।

पहले से बढ़ रहा था दबाव

दिल्ली में बिजली दरों पर पहले से दबाव बना हुआ है। पिछले कुछ महीनों में बिजली खरीद लागत, नियामकीय बकाया (Regulatory Assets) और PPAC/FPPAS जैसे शुल्कों को लेकर कई चर्चाएं हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लागत बढ़ने का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले समय में उपभोक्ताओं को और अधिक भुगतान करना पड़ सकता है।

उपभोक्ता संगठनों ने जताई चिंता

उपभोक्ता संगठनों और आरडब्ल्यूए (RWA) समूहों ने पहले भी ऐसे प्रस्तावों पर चिंता जताई थी। उनका तर्क है कि बार-बार लगने वाले अतिरिक्त सरचार्ज आम उपभोक्ताओं के लिए वित्तीय बोझ बढ़ाते हैं और बिलों को कम अनुमानित बनाते हैं।

गर्मी में बढ़ सकती है परेशानी

दिल्ली में गर्मी के दौरान एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य बिजली उपकरणों का उपयोग बढ़ जाता है। ऐसे समय में बिजली बिल में किसी भी प्रकार की वृद्धि लाखों परिवारों के घरेलू बजट पर सीधा असर डाल सकती है। विशेषज्ञ उपभोक्ताओं को ऊर्जा बचत उपाय अपनाने और अपने बिजली उपयोग पर नजर रखने की सलाह दे रहे हैं।