वाशिंगटन: मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी युद्ध के बीच एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। वाशिंगटन ने शुक्रवार को इज़राइल, लेबनान और संयुक्त राज्य अमेरिका (US) के बीच एक ऐतिहासिक त्रिपक्षीय ढांचे (Trilateral Framework) का पाठ (Text) जारी किया है। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच जारी संघर्ष और शत्रुता को समाप्त करना है, जो लंबे समय से मध्य पूर्व युद्ध का एक हिंसक और खतरनाक दूसरा मोर्चा बना हुआ था।

अमेरिकी राजधानी में हस्ताक्षरित इस 14-सूत्रीय समझौते की मुख्य बातें और मुख्य आकर्षण निम्नलिखित हैं:

1. 'स्थायी शांति' और युद्ध की समाप्ति (Lasting Peace)

समझौते की शुरुआत में कहा गया है कि इज़राइल और लेबनान, अमेरिकी समर्थन के साथ, "स्थायी शांति और सुरक्षा हासिल करने के अपने साझा लक्ष्य की पुष्टि करते हैं।" दोनों पड़ोसी देशों ने इस संघर्ष को निश्चित रूप से समाप्त करने, इसके अंतर्निहित कारणों को संबोधित करने और औपचारिक रूप से दोनों के बीच युद्ध की स्थिति को समाप्त करने का इरादा व्यक्त किया है।

2. 'सत्यापित निरस्त्रीकरण' (Verified Disarmament)

इस ढांचे के तहत इज़राइल और लेबनान के बीच सभी मुद्दों को सुलझाने की दिशा में "अपरिवर्तनीय प्रगति" करने का संकल्प लिया गया है। इसे "अमेरिका की मध्यस्थता और समर्थन के साथ प्रत्यक्ष द्विपक्षीय वार्ता" के माध्यम से हासिल किया जाएगा।

समझौते के अनुसार, लेबनानी सशस्त्र बल (LAF) गैर-राज्य सशस्त्र समूहों के सत्यापित निरस्त्रीकरण और उनसे जुड़े बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को नष्ट किए जाने तक, पूरे लेबनानी क्षेत्र पर प्रभावी संप्रभुता बहाल करेंगे। इसके बाद इज़राइल रक्षा बल (IDF) प्रगतिशील रूप से लेबनानी क्षेत्र से बाहर निकलेंगे।

3. पायलट ज़ोन का निर्माण (Pilot Zones)

लेबनानी सेना (LAF) धीरे-धीरे 'पायलट ज़ोन' में पूर्ण और प्रभावी सुरक्षा जिम्मेदारी संभालेगी। यह ज़ोन आईडीएफ (IDF) की चरणबद्ध और सत्यापित वापसी और एलएएफ की तैनाती के तंत्र के रूप में कार्य करेंगे।

  • दोनों पक्षों द्वारा शुरुआती दो ज़ोन पर सहमति बन गई है।

  • भविष्य के पायलट ज़ोन आपसी सहमति से तय किए जाएंगे।

  • ईरान समर्थित हिजबुल्लाह जैसे गैर-राज्य सशस्त्र समूहों के निरस्त्रीकरण की पुष्टि होने पर, LAF इन क्षेत्रों में पूरी सुरक्षा जिम्मेदारी संभाल लेगा।

इसके बाद, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थित पुनर्निर्माण कार्य शुरू होंगे और लेबनानी नागरिक लेबनानी राज्य प्राधिकारियों के विशेष नियंत्रण वाले इन क्षेत्रों में सुरक्षित रूप से लौट सकेंगे।

4. वर्किंग ग्रुप्स और संप्रभुता (Working Groups)

इस समझौते के तहत लेबनान सरकार अपने क्षेत्र पर पूर्ण संप्रभुता बहाल करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराती है। सरकार बल के प्रयोग पर राज्य का एकाधिकार फिर से स्थापित करेगी, सभी गैर-राज्य सशस्त्र समूहों का पूर्ण निरस्त्रीकरण सुनिश्चित करेगी और यह तय करेगी कि ऐसे समूहों की पूरे लेबनान में कोई सैन्य या सुरक्षा भूमिका और सशस्त्र क्षमताएं न हों।

लेबनान ने ऐसा करने के लिए अमेरिका के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय और विशेष रूप से अरब भागीदारों से समर्थन मांगा है। इसके अलावा, इज़राइल और लेबनान दोनों देशों के बीच "पूर्ण व्यापक शांति और सुरक्षा समझौता" तैयार करने के लिए वर्किंग ग्रुप्स (कार्य समूह) भी स्थापित करेंगे।

5. इज़राइल की 'कोई क्षेत्रीय महत्वाकांक्षा नहीं'

इज़राइल ने अपनी ओर से स्पष्ट किया है कि लेबनान में उसकी सैन्य कार्रवाई "पूरी तरह से गैर-राज्य सशस्त्र समूहों, विशेष रूप से हिजबुल्लाह द्वारा उत्पन्न हमलों, खतरों और शत्रुतापूर्ण इरादों का परिणाम है।"

इज़राइल ने कहा कि इस खतरे की समाप्ति (निरस्त्रीकरण और अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था के माध्यम से) लेबनान में IDF की सैन्य कार्रवाई या उपस्थिति की भविष्य की किसी भी आवश्यकता को समाप्त कर देगी। इसके साथ ही इज़राइल सरकार ने घोषणा की कि "लेबनान में उसकी कोई क्षेत्रीय महत्वाकांक्षा (Territorial Ambitions) नहीं है।"