पश्चिम एशिया तनाव का असर: मई में इक्विटी म्यूचुअल फंड निवेश 40% घटकर एक साल के निचले स्तर पर
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों का रुख सतर्क होता दिखाई दे रहा है। मई 2026 में इक्विटी म्यूचुअल फंडों में निवेश (इनफ्लो) करीब 40 प्रतिशत घटकर ₹22,908 करोड़ रह गया, जो पिछले 12 महीनों का सबसे निचला स्तर है।
उद्योग के आंकड़ों के अनुसार, मई महीने में दर्ज यह गिरावट मई 2023 के बाद सबसे बड़ी मासिक कमी मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष और वैश्विक बाजारों में बढ़ी अस्थिरता के कारण निवेशकों ने एकमुश्त (लंप-सम) निवेश करने से परहेज किया।
हालांकि, नियमित निवेश करने वाले निवेशकों का भरोसा अभी भी बना हुआ है। सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के माध्यम से आने वाला निवेश लगभग स्थिर रहा और इसमें केवल मामूली गिरावट दर्ज की गई। यह संकेत देता है कि दीर्घकालिक निवेशक बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद अपनी निवेश रणनीति पर कायम हैं।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के चलते अल्पकालिक निवेशकों में सतर्कता बढ़ी है। वहीं, SIP निवेशकों का निरंतर निवेश भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग की मजबूती और निवेशकों के दीर्घकालिक विश्वास को दर्शाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि वैश्विक हालात सामान्य होते हैं और बाजार में स्थिरता लौटती है, तो आने वाले महीनों में इक्विटी म्यूचुअल फंडों में निवेश फिर से गति पकड़ सकता है।