सोने पर दबाव, ब्याज दरों की चिंता से कीमतें गिरावट की ओर बढ़ीं | Kashyap Sandesh
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ब्याज दरों की चिंता से सोने पर दबाव, लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट की ओर बढ़ीं कीमतें

R. C. Nishad · 13 जून 2026

नई दिल्ली। वैश्विक बाजारों में सोने की कीमतें लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट की ओर बढ़ रही हैं। निवेशकों के बीच बढ़ती आशंका है कि अमेरिका में मुद्रास्फीति (Inflation) अपेक्षा से अधिक समय तक ऊंची बनी रह सकती है, जिसके चलते ब्याज दरें लंबे समय तक उच्च स्तर पर रह सकती हैं। इसी वजह से सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने पर दबाव देखा जा रहा है।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के आर्थिक आंकड़ों ने संकेत दिया है कि महंगाई पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आई है। इससे निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा भविष्य में ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की अटकलें तेज हो गई हैं।

दिसंबर में दर बढ़ोतरी की उम्मीद

वर्तमान में अधिकांश विश्लेषकों का मानना है कि फेडरल रिजर्व अपनी आगामी मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दरों को स्थिर रख सकता है। हालांकि, वित्तीय बाजारों में यह चर्चा बढ़ रही है कि यदि मुद्रास्फीति ऊंचे स्तर पर बनी रहती है तो दिसंबर में एक और दर वृद्धि संभव हो सकती है।

उच्च ब्याज दरें आमतौर पर सोने के लिए नकारात्मक मानी जाती हैं, क्योंकि सोना कोई ब्याज या नियमित आय नहीं देता। ऐसे में निवेशक अधिक रिटर्न देने वाले बॉन्ड और अन्य वित्तीय साधनों की ओर रुख कर सकते हैं।

डॉलर और बॉन्ड यील्ड का असर

विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी डॉलर की मजबूती और ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी भी सोने की कीमतों पर दबाव बना रही है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो अन्य मुद्राओं में सोना महंगा हो जाता है, जिससे इसकी मांग प्रभावित हो सकती है।

निवेशकों की नजर फेड की बैठक पर

अब वैश्विक निवेशकों की निगाहें फेडरल रिजर्व की आगामी नीति बैठक और उसके अधिकारियों की टिप्पणियों पर टिकी हैं। यदि फेड भविष्य में सख्त मौद्रिक नीति के संकेत देता है, तो सोने की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

हालांकि, भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता जैसे कारक अभी भी सोने को समर्थन दे सकते हैं। इसलिए बाजार विशेषज्ञ निवेशकों को सावधानी बरतने और दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दे रहे हैं।

आगे क्या?

विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में अमेरिकी महंगाई के आंकड़े, रोजगार रिपोर्ट और फेड की नीति दिशा सोने की कीमतों के लिए निर्णायक साबित होंगे। यदि ब्याज दरों में और वृद्धि की संभावना मजबूत होती है तो सोने पर दबाव बना रह सकता है।

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