₹349 करोड़ शराब घोटाला: ED ने जगन मोहन रेड्डी के पूर्व सलाहकार और APBCL के पूर्व MD को किया गिरफ्तार
अमरावती/नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश के कथित ₹349 करोड़ शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री Y. S. Jagan Mohan Reddy के पूर्व सलाहकार Raj Kesireddy और आंध्र प्रदेश बेवरेजेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (APBCL) के पूर्व प्रबंध निदेशक D Vasudeva Reddy को गिरफ्तार कर लिया है।
ED का आरोप है कि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) सरकार के कार्यकाल के दौरान शराब खरीद और वितरण प्रणाली में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं, जिसके जरिए कथित रूप से करोड़ों रुपये की अवैध कमाई की गई और उसे विभिन्न माध्यमों से वैध दिखाने की कोशिश की गई।
क्या है पूरा मामला?
जांच एजेंसियों के अनुसार, राज्य में शराब नीति और खरीद प्रक्रिया में कथित हेरफेर कर कुछ चुनिंदा कंपनियों और सप्लायर्स को लाभ पहुंचाया गया। जांच में सामने आया है कि कथित तौर पर कमीशन और अवैध भुगतान के जरिए बड़ी रकम इकट्ठा की गई, जिसे बाद में मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क के माध्यम से विभिन्न खातों और संस्थाओं में स्थानांतरित किया गया।
ED का दावा है कि अब तक की जांच में लगभग ₹349 करोड़ के संदिग्ध वित्तीय लेनदेन का पता चला है।
मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप
प्रवर्तन निदेशालय ने कहा है कि मामले में धन शोधन (Money Laundering) के कई सबूत मिले हैं। एजेंसी का आरोप है कि अवैध रूप से अर्जित धन को कंपनियों, बेनामी लेनदेन और अन्य वित्तीय माध्यमों के जरिए छिपाने का प्रयास किया गया।
गिरफ्तार किए गए दोनों अधिकारियों से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य भी जुटाए गए हैं। जांच एजेंसी अब इस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
राजनीतिक गलियारों में बढ़ी हलचल
गिरफ्तारियों के बाद आंध्र प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने इसे पिछली सरकार में हुए कथित भ्रष्टाचार का प्रमाण बताया है, जबकि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की ओर से इन आरोपों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया जा रहा है।
हालांकि, ED का कहना है कि जांच पूरी तरह सबूतों और वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।
आगे क्या?
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को विशेष अदालत में पेश किया जा सकता है, जहां ED उनकी रिमांड की मांग करेगी। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित घोटाले में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा अवैध धन का अंतिम उपयोग कहां किया गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला आंध्र प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है, क्योंकि जांच का दायरा लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है।