प्रवासी समस्या और पासपोर्ट नागरिकता विवाद: हरिश सल्वे का बड़ा बयान
भारत में पासपोर्ट और नागरिकता के बारे में चल रहे विवाद के बीच, एनडीटीवी के शिव अरूर के साथ बातचीत में, हरिश सल्वे ने कहा कि 14 अरब भारतीयों में से केवल 200 से 300 मिलियन लोगों के पास पासपोर्ट है। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ा मुद्दा है और यह देश की प्रवासी समस्या को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने कहा कि पासपोर्ट केवल एक यात्रा दस्तावेज है और यह नागरिकता का प्रमाण नहीं है।
हरिश सल्वे ने कहा कि देश में प्रवासी समस्या का समाधान करने के लिए, हमें अपनी प्रणाली को सुधारने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमें अपने नागरिकों को पहचानने के लिए एक मजबूत प्रणाली विकसित करनी होगी। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ा चुनौती है, लेकिन हमें इसे हल करने के लिए काम करना होगा।
उन्होंने कहा कि पासपोर्ट की संख्या को बढ़ाने के लिए, हमें अपने नागरिकों को जागरूक करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमें अपने नागरिकों को यह समझाना होगा कि पासपोर्ट क्या है और यह कैसे काम करता है। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ा मुद्दा है, लेकिन हमें इसे हल करने के लिए काम करना होगा।
हरिश सल्वे के अनुसार, पासपोर्ट और नागरिकता के बारे में जागरूकता बढ़ाने से हम देश की प्रवासी समस्या को कम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें अपने नागरिकों को यह समझाना होगा कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है जो हमें विदेश यात्रा करने की अनुमति देता है।
उन्होंने कहा कि पासपोर्ट की संख्या को बढ़ाने के लिए, हमें अपने नागरिकों को प्रोत्साहित करना होगा। उन्होंने कहा कि हमें अपने नागरिकों को यह समझाना होगा कि पासपोर्ट क्या है और यह कैसे काम करता है। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ा मुद्दा है, लेकिन हमें इसे हल करने के लिए काम करना होगा।
हरिश सल्वे के बयान से यह स्पष्ट होता है कि पासपोर्ट और नागरिकता के बारे में जागरूकता बढ़ाने से हम देश की प्रवासी समस्या को कम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें अपने नागरिकों को यह समझाना होगा कि पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है जो हमें विदेश यात्रा करने की अनुमति देता है।