एमबीबीएस डिग्री के लिए छात्र को कोई समस्या नहीं, जब तक कि शुल्क का पैसा माओवादी समूह को नहीं दिया जाता
न्यायालय ने फैसला सुनाया है कि शुल्क विवादों के कारण शैक्षिक प्रमाण पत्र आमतौर पर नहीं रोके जा सकते हैं, लेकिन यह मामला पूरी तरह से अलग है क्योंकि शुल्क का पैसा राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा आरोपित अपराध के परिणामस्वरूप जब्त कर लिया गया था।
न्यायालय ने यह भी कहा कि छात्र को एमबीबीएस डिग्री प्राप्त करने के लिए कोई समस्या नहीं है, जब तक कि शुल्क का पैसा माओवादी समूह को नहीं दिया जाता है।
न्यायालय ने यह भी कहा कि शुल्क विवादों के कारण शैक्षिक प्रमाण पत्र रोकने का निर्णय शैक्षिक संस्थानों के लिए है, और छात्र को इसके लिए कोई जिम्मेदारी नहीं है।
स्रोत: NDTV India