कानपुर में मानसून की सुस्ती ने बढ़ाई चिंता, 10 साल के औसत से आधी भी नहीं हुई बारिश; जून अंत से उम्मीद
कानपुर: भीषण गर्मी और उमस की मार झेल रहे कानपुर वासियों के लिए मानसून की सुस्त रफ्तार अब एक बड़ी चिंता का विषय बनती जा रही है। मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस साल जून महीने में अब तक सामान्य के मुकाबले बेहद कम बारिश दर्ज की गई है। 21 जून तक शहर में केवल 48.7 मिमी वर्षा हुई है, जबकि पिछले 10 वर्षों में कानपुर में जून महीने की औसत बारिश का रिकॉर्ड लगभग 100.37 मिमी रहा है। यानी इस बार सामान्य से आधी बारिश भी नसीब नहीं हुई है।
मौसम विशेषज्ञों को अब शहर में वर्ष 2019 जैसी सूखे जून की आशंका सताने लगी है, जब मानसून की भारी देरी के कारण पूरे जून में सिर्फ 22.50 मिमी बारिश हुई थी। मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि मानसून फिलहाल बिहार और पूर्वी यूपी के कुछ हिस्सों में ठहराव (ब्रेक मानसून) की स्थिति में है, जिससे कानपुर मंडल में मानसूनी हवाएं कमजोर पड़ गई हैं। हालांकि, हवाओं के बदलते रुख को देखते हुए मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि जून के अंतिम सप्ताह (28-29 जून) से कानपुर और आसपास के जिलों में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ेगा और गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश का दौर शुरू होगा, जिससे लोगों को उमस और तपिश से पूरी तरह राहत मिलेगी।