चंदननगर का जलभरा अब GI टैग वाला है: 220 साल पुरानी बंगाली मिठाई की कहानी
चंदननगर के जलभरे की कहानी एक ऐसी मिठाई की है जो 220 साल पुरानी है और जिसकी शुरुआत एक शादी के मजाक से हुई थी। यह मिठाई एक ऐसी है जो केवल दो बार काटने में ही खत्म हो जाती है, लेकिन इसकी महत्ता और महत्व को समझने के लिए हमें इसकी कहानी को जानना होगा।
चंदननगर के जलभरे की कहानी एक ऐसी मिठाई की है जो 220 साल पुरानी है और जिसकी शुरुआत एक शादी के मजाक से हुई थी। यह मिठाई एक ऐसी है जो केवल दो बार काटने में ही खत्म हो जाती है, लेकिन इसकी महत्ता और महत्व को समझने के लिए हमें इसकी कहानी को जानना होगा।
चंदननगर के जलभरे की कहानी एक ऐसी मिठाई की है जो 220 साल पुरानी है और जिसकी शुरुआत एक शादी के मजाक से हुई थी। यह मिठाई एक ऐसी है जो केवल दो बार काटने में ही खत्म हो जाती है, लेकिन इसकी महत्ता और महत्व को समझने के लिए हमें इसकी कहानी को जानना होगा।
स्रोत: The Hindu