ऑनलाइन गेमिंग कंपनियां 28% जीएसटी पर पुनर्विचार की मांग कर रही हैं
ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर की है जिसमें ऑनलाइन गेमिंग पर 28% जीएसटी की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा गया था। साथ ही, उन्होंने 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की रिट्रोस्पेक्टिव टैक्स मांगों को भी चुनौती दी है।
उद्योग ने 27 मई को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिकाएं दायर की हैं, जिसमें ऑनलाइन गेमिंग पर 28% जीएसटी को बरकरार रखा गया था और कर अधिकारियों द्वारा जारी रिट्रोस्पेक्टिव टैक्स नोटिस को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया गया था।
इस फैसले से ऑनलाइन गेमिंग उद्योग को बड़ा झटका लगा था, क्योंकि इसमें सरकार के ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर लगाए गए दांव के पूरे मूल्य पर 28% जीएसटी लगाने के फैसले को मान्यता दी गई थी, साथ ही कर अधिकारियों को 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के विरासत टैक्स दावों को आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त किया गया था।
पुनर्विचार याचिकाओं के माध्यम से, गेमिंग कंपनियों ने सुप्रीम कोर्ट से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है, जिसमें कर शासन और रिट्रोस्पेक्टिव मांगों के आसपास के कानूनी और संवैधानिक मुद्दों की नए सिरे से जांच की मांग की गई है।
पुनर्विचार याचिकाओं का परिणाम भारत के ऑनलाइन गेमिंग उद्योग के लिए महत्वपूर्ण परिणाम हो सकता है, जो यह तर्क देता है कि कर बोझ और रिट्रोस्पेक्टिव दावे उद्योग की कई कंपनियों की व्यवहार्यता को खतरे में डालते हैं।